मंगल भात पूजा उज्जैन
मंगल ग्रह की जन्मस्थली 'उज्जैन' में पके हुए चावल (भात) से मंगल देव का श्रृंगार और अभिषेक। यह अनुष्ठान मांगलिक दोष, विवाह की बाधाओं और कर्ज मुक्ति के लिए दुनिया का सबसे अचूक और अचूक उपाय है।
मंगल भात पूजा • उज्जैन (मंगलनाथ क्षेत्र)
नाम, गोत्र और पूजा का नाम WhatsApp पर भेजें।
कैसे बुक करें
- चरण 1: पूजा का नाम भेजें
- चरण 2: नाम, गोत्र, जन्म जानकारी भेजें
- चरण 3: मुहूर्त और विधि की जानकारी लें
- चरण 4: उज्जैन में या ऑनलाइन पूजा व्यवस्था पुष्टि करें
मंगल भात पूजा किसके लिए उपयोगी है
- जिन्हें मांगलिक प्रभाव शांति हेतु मंगल भात पूजा की सलाह दी गई हो।
- विवाह तैयारी से पहले पारिवारिक संकल्प के साथ वैदिक पूजा करानी हो।
- जो मंगलनाथ क्षेत्र में पारंपरिक विधि से अनुष्ठान करना चाहते हैं।
- जो सामग्री और प्रक्रिया पहले से स्पष्ट करके ही पूजा तय करना चाहते हैं।
मंगल भात पूजा से जुड़े सामान्य प्रश्न
पूजा कब करानी चाहिए?
जब पारिवारिक ज्योतिष मार्गदर्शन के अनुसार मंगल भात पूजा का संकल्प तय हो और तिथि उपलब्ध हो।
क्या ऑनलाइन बुकिंग हो सकती है?
हाँ, ऑनलाइन बुकिंग सहायता उपलब्ध है। आप WhatsApp पर पूजा नाम, शहर और प्राथमिक जानकारी भेजकर समय तय कर सकते हैं।
क्या परिवार की तरफ से पूजा हो सकती है?
हाँ, परिवार की ओर से संकल्प लेकर पूजा कराई जा सकती है। पहले नाम, गोत्र और उद्देश्य साझा करें ताकि सही विधि बताई जा सके।
क्या सामग्री की व्यवस्था होती है?
हाँ, आवश्यक सामग्री सूची और व्यवस्था विकल्प मार्गदर्शन सहित बताए जाते हैं। अंतिम व्यवस्था पूजा प्रकार और तिथि अनुसार पुष्टि की जाती है।
पूजा के लिए क्या जानकारी भेजनी होती है?
कृपया पूजा का नाम, नाम, गोत्र, शहर, जन्म विवरण (यदि लागू), पसंदीदा तिथि और उद्देश्य WhatsApp पर भेजें।
मंगल भात पूजा: मांगलिक दोष और विवाह शांति
- किसे करानी चाहिए: मंगल दोष, विवाह में बाधा, मांगलिक योग या परिवार में विवाह संबंधी चिंता हो तो यह पूजा उपयोगी मानी जाती है।
- पूजा सामग्री: भात, लाल वस्त्र, पुष्प, नारियल, अक्षत, दीप, धूप और मंगल ग्रह से जुड़ी सामग्री विधि अनुसार रखी जाती है।
- समय और अवधि: सामान्य रूप से 1.5 से 2.5 घंटे लगते हैं। तिथि और मुहूर्त पंडित जी से पुष्टि के बाद तय करें।
- जरूरी सूचना: पूजा से पहले नाम, गोत्र, जन्म विवरण और विवाह संबंधी उद्देश्य WhatsApp पर भेजना बेहतर रहता है।
मंगल 'भात' पूजा ही क्यों? (पके चावल का रहस्य)
मंगल ग्रह को ज्योतिष में 'अंगारक' (आग का गोला) माना जाता है। जब मंगल उग्र होता है, तो व्यक्ति का स्वभाव गुस्सैल हो जाता है और जीवन में कलह बढ़ जाती है। दही और पके हुए चावल (भात) की तासीर अत्यंत ठंडी होती है। उज्जैन में मंगल देव के शिवलिंग रूप पर इसी 'भात' का लेपन करके उनका उग्र रूप शांत किया जाता है। भात पूजा के बाद मंगल देव अपने उग्र रूप को त्यागकर भक्त को शीतलता और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
किसे करवानी चाहिए यह मंगल भात पूजा?
यदि आपके जीवन में निम्नलिखित में से कोई भी समस्या आ रही है, तो आपको मंगलनाथ में भात पूजा अवश्य करवानी चाहिए:
- विवाह में अत्यधिक देरी: रिश्ते आते हैं, बात पक्की होने वाली होती है, लेकिन अचानक टूट जाती है।
- कुंडली में मांगलिक दोष: यदि लड़का या लड़की मांगलिक है, तो सुखी दांपत्य जीवन के लिए यह पूजा सबसे अनिवार्य है।
- कर्ज का मकरजाल: सिर पर बहुत कर्ज (Loan) हो गया हो और उसे चुकाने का कोई रास्ता न दिख रहा हो।
- भूमि या प्रॉपर्टी विवाद: जमीन-जायदाद से जुड़े कोर्ट-कचहरी के मामले न सुलझ रहे हों (मंगल भूमि का कारक है)।
स्कंद पुराण और मंगलनाथ (उज्जैन) का अद्भुत जुड़ाव
धर्मग्रंथ स्कंद पुराण के अवंतिका खंड के अनुसार, उज्जैन स्थित 'मंगलनाथ' ही पूरे ब्रह्मांड में मंगल ग्रह की असली जन्मस्थली (Birthplace of Mars) है। यहीं भगवान शिव के पसीने की बूंद से मंगल की उत्पत्ति हुई थी। इसलिए पूरे विश्व में मंगल दोष की सबसे प्रामाणिक और फलदायी शांति केवल और केवल उज्जैन की इसी पवित्र भूमि पर होती है।
भात पूजा के चमत्कारिक परिणाम
- शीघ्र और सुयोग्य जीवनसाथी की प्राप्ति के योग बनते हैं।
- दांपत्य जीवन (Husband-Wife) में होने वाले बेवजह के झगड़े खत्म होते हैं।
- रक्त संबंधी बीमारियां और दुर्घटनाओं से रक्षा होती है।
- अटका हुआ धन वापस मिलता है और प्रॉपर्टी से जुड़ा लाभ होता है।


