
कालसर्प दोष पूजा
राहु-केतु शांति, नाग-नागिन पूजन, शिव अभिषेक और हवन। 2.5–3 घंटे।
पंडित वैदिक कृष्ण शास्त्री जी के साथ पहले कुंडली, फिर सही पूजा। कुल खर्च पूजा से पहले साफ बताया जाता है, और पूजा पूरी वैदिक विधि से होती है। उज्जैन आकर, या दुनिया में कहीं से भी लाइव ऑनलाइन।
हर पूजा के पेज पर विधि, समय, खर्च और सावधानियाँ लिखी हैं।

राहु-केतु शांति, नाग-नागिन पूजन, शिव अभिषेक और हवन। 2.5–3 घंटे।

मंगलनाथ क्षेत्र में मांगलिक और अंगारक दोष की शांति।

उज्जैन की विशेष परंपरा। विवाह से पहले मंगल की शांति।

सिद्धवट पर तर्पण, पिंडदान और त्रिपिंडी श्राद्ध।

साधारण अभिषेक से लघु रुद्र तक। सवा लाख जाप भी।

साढ़ेसाती, राहु दशा और पीड़ित ग्रहों की शांति।
उज्जैन में पूजा करवाने वाले ज़्यादातर लोग किसी चिंता के साथ आते हैं। इसलिए हमारा नियम सीधा है: जो कुंडली में दिखे वही बताना, और ज़रूरत न हो तो पूजा न कराना।
कालसर्प, मंगल या पितृ दोष की पूजा से पहले जन्म विवरण देखकर पक्का किया जाता है कि दोष है भी या नहीं।
पूजा का स्तर, जाप संख्या, पंडितों की संख्या और सामग्री सहित कुल राशि पूजा से पहले WhatsApp पर बताई जाती है।
पूजा आस्था और संकल्प को मज़बूत करती है। हम डराकर या "पक्का असर" का वादा करके पूजा नहीं बेचते।
आपके टाइम ज़ोन में लाइव वीडियो पर पूजा, और जहाँ संभव हो, बाद में प्रसाद।
अपनी परेशानी या पूजा का नाम, और जन्म विवरण भेजें।
पंडित जी बताएँगे कि कौन-सी पूजा सही है।
मुहूर्त और कुल राशि पहले से तय।
उज्जैन में आकर, या ऑनलाइन लाइव।
ये लेख उन सवालों के जवाब हैं जो लोग हमसे सबसे ज़्यादा पूछते हैं।
उज्जैन में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग है, हरसिद्धि शक्तिपीठ है, और शिप्रा के किनारे मंगलनाथ मंदिर है, जिसे परंपरा में मंगल ग्रह का जन्मस्थान माना जाता है। पितृ कर्म के लिए सिद्धवट है। कर्क रेखा के पास होने के कारण यह शहर प्राचीन काल से ज्योतिष और काल-गणना का केंद्र रहा है।
उज्जैन महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की नगरी है, और यहाँ का मंगलनाथ मंदिर परंपरा से मंगल ग्रह का जन्मस्थान माना जाता है। इसलिए राहु-केतु शांति के साथ शिव अभिषेक, और मंगल दोष के लिए भात पूजा की परंपरा यहाँ सदियों से है।
खर्च पूजा के स्तर, जाप संख्या, पंडितों की संख्या और सामग्री पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, कालसर्प पूजा का पूरा हिसाब यहाँ लिखा है। आपकी पूजा का कुल खर्च, सामग्री सहित, पूजा से पहले बता दिया जाता है।
नहीं। दोष निवारण पूजाओं की पूरी सामग्री हमारी ओर से होती है। घर पर होने वाली पूजाओं, जैसे गृह प्रवेश या कथा, में आप चाहें तो सामग्री स्वयं भी ला सकते हैं।
सामान्य दिनों में 2-3 दिन पहले काफी है। मंगलवार, अमावस्या, नाग पंचमी, श्रावण और पितृ पक्ष में 1-2 हफ्ते पहले बुक करें।
हाँ। आपके नाम और गोत्र से संकल्प लेकर पूजा होती है और आप उसे WhatsApp वीडियो या Google Meet पर लाइव देखते हैं। पूजा के बाद, जहाँ संभव हो, प्रसाद भेजा जाता है। विदेश में रहने वाले परिवारों के लिए समय उनके टाइम ज़ोन से तय होता है।
हाँ, महाकाल क्षेत्र और मंगलनाथ रोड के आसपास धर्मशाला और होटल के बारे में हम सुझाव दे देते हैं।
सबसे जल्दी जवाब WhatsApp पर मिलता है। विदेश से हैं तो अपना देश और टाइम ज़ोन भी लिखें।