मंगलनाथ क्षेत्र · शिप्रा तट · उज्जैन

उज्जैन में कालसर्प, मंगल दोष और ग्रह शांति पूजा

पंडित वैदिक कृष्ण शास्त्री जी के साथ पहले कुंडली, फिर सही पूजा। कुल खर्च पूजा से पहले साफ बताया जाता है, और पूजा पूरी वैदिक विधि से होती है। उज्जैन आकर, या दुनिया में कहीं से भी लाइव ऑनलाइन।

पहले कुंडली जाँच (निःशुल्क) खर्च पहले से तय सामग्री हमारी ओर से लाइव ऑनलाइन पूजा
उज्जैन में कालसर्प शांति पूजा — नाग-छत्र वाला शिवलिंग
हमारी कराई पूजा की असली तस्वीर
हमारा तरीका

पहले सलाह, फिर पूजा

उज्जैन में पूजा करवाने वाले ज़्यादातर लोग किसी चिंता के साथ आते हैं। इसलिए हमारा नियम सीधा है: जो कुंडली में दिखे वही बताना, और ज़रूरत न हो तो पूजा न कराना।

01

कुंडली जाँच पहले

कालसर्प, मंगल या पितृ दोष की पूजा से पहले जन्म विवरण देखकर पक्का किया जाता है कि दोष है भी या नहीं।

02

खर्च लिखकर, पहले से

पूजा का स्तर, जाप संख्या, पंडितों की संख्या और सामग्री सहित कुल राशि पूजा से पहले WhatsApp पर बताई जाती है।

03

डर या गारंटी नहीं

पूजा आस्था और संकल्प को मज़बूत करती है। हम डराकर या "पक्का असर" का वादा करके पूजा नहीं बेचते।

04

देश-विदेश से ऑनलाइन

आपके टाइम ज़ोन में लाइव वीडियो पर पूजा, और जहाँ संभव हो, बाद में प्रसाद।

उज्जैन में नवग्रह और कालसर्प पूजा का मंडल
बुकिंग

पूजा बुक करने के 4 आसान कदम

1

WhatsApp करें

अपनी परेशानी या पूजा का नाम, और जन्म विवरण भेजें।

2

कुंडली सलाह

पंडित जी बताएँगे कि कौन-सी पूजा सही है।

3

तारीख और खर्च

मुहूर्त और कुल राशि पहले से तय।

4

पूजा

उज्जैन में आकर, या ऑनलाइन लाइव।

कालसर्प पूजा में चांदी के नाग-नागिन और कलश
उज्जैन

ग्रह शांति के लिए उज्जैन क्यों

उज्जैन में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग है, हरसिद्धि शक्तिपीठ है, और शिप्रा के किनारे मंगलनाथ मंदिर है, जिसे परंपरा में मंगल ग्रह का जन्मस्थान माना जाता है। पितृ कर्म के लिए सिद्धवट है। कर्क रेखा के पास होने के कारण यह शहर प्राचीन काल से ज्योतिष और काल-गणना का केंद्र रहा है।

  • मंगलनाथ — मंगल दोष और भात पूजा
  • शिप्रा के घाट — कालसर्प और राहु-केतु शांति
  • सिद्धवट — तर्पण, पिंडदान, त्रिपिंडी श्राद्ध
  • इंदौर एयरपोर्ट से लगभग एक घंटा

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

उज्जैन में कालसर्प और मंगल दोष पूजा का विशेष महत्व क्यों है?

उज्जैन महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की नगरी है, और यहाँ का मंगलनाथ मंदिर परंपरा से मंगल ग्रह का जन्मस्थान माना जाता है। इसलिए राहु-केतु शांति के साथ शिव अभिषेक, और मंगल दोष के लिए भात पूजा की परंपरा यहाँ सदियों से है।

पूजा का खर्च कितना होता है?

खर्च पूजा के स्तर, जाप संख्या, पंडितों की संख्या और सामग्री पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, कालसर्प पूजा का पूरा हिसाब यहाँ लिखा है। आपकी पूजा का कुल खर्च, सामग्री सहित, पूजा से पहले बता दिया जाता है।

क्या सामग्री हमें लानी होगी?

नहीं। दोष निवारण पूजाओं की पूरी सामग्री हमारी ओर से होती है। घर पर होने वाली पूजाओं, जैसे गृह प्रवेश या कथा, में आप चाहें तो सामग्री स्वयं भी ला सकते हैं।

पूजा कितने दिन पहले बुक करें?

सामान्य दिनों में 2-3 दिन पहले काफी है। मंगलवार, अमावस्या, नाग पंचमी, श्रावण और पितृ पक्ष में 1-2 हफ्ते पहले बुक करें।

क्या ऑनलाइन पूजा हो सकती है?

हाँ। आपके नाम और गोत्र से संकल्प लेकर पूजा होती है और आप उसे WhatsApp वीडियो या Google Meet पर लाइव देखते हैं। पूजा के बाद, जहाँ संभव हो, प्रसाद भेजा जाता है। विदेश में रहने वाले परिवारों के लिए समय उनके टाइम ज़ोन से तय होता है।

बाहर से आने वालों को रुकने में मदद मिलेगी?

हाँ, महाकाल क्षेत्र और मंगलनाथ रोड के आसपास धर्मशाला और होटल के बारे में हम सुझाव दे देते हैं।

संपर्क

पंडित जी से बात करें

सबसे जल्दी जवाब WhatsApp पर मिलता है। विदेश से हैं तो अपना देश और टाइम ज़ोन भी लिखें।

पूजा पूछताछ

भेजने पर आपका संदेश WhatsApp में खुल जाएगा।

कॉल करें WhatsApp